अपनों से अपनी बात
ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है, जो स्वच्छ वातावरण, सुन्दर माहौल और सुरक्षित जीवन न चाहता हो ,
लेकिन प्रश्न यह उठता है, हम उस के लिए क्या प्रयास कर रहे है। प्रत्येक कार्य के लिए सरकार का ही उत्तर दायित्व क्यो ?
पूरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र प्रदूषण के भीषण गुबार की चपेट में है। हम सांस के साथ ज़हर खा रहे है, वृक्ष काटे जा रहे है, महिलाएं असुरक्षित है बुजुर्ग असहाय है। बालको में संस्कारों का अभाव हो रहा है अश्लीलता सुरसा की तरह फैलती जा रही है भ्र्ष्टाचार किसी से नहीं छुपा।
यह सब ठीक कैसे होगा,
यह मामूली विषय नहीं है ,इतिहास गवाह है जब देश आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा था यदि नेता जी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्र शेखर आज़ाद अकेले ही इस विषय पर काम करते तो शायद उनका ये सपना सच न होता उनकी एक आवाज़ पर देश वासी अपनी जान तक न्यौझावर कर देने का जज्बा ले कर मैदान में कूद गए महिलाओ ने अपने ज़ेवर बेच कर पिस्तोल खरीदी और किसानों ने अपनी दरातिया गला कर तलवारे बना डाली और ब्रिटिश हकूमत को जड़ से उखाड़ फेका।
ठीक वैसे ही कार्य करना होगा, हर देश वासी के दिल में समाज के प्रति निष्ठां, समर्पण और त्याग के साथ साथ सेवा भाव होना चाहिए। आज हमारे केवल तीन काम है परिवार का निर्माण रक्षा, पालन। गौर से देखा जाये तो ठीक यही काम तो चूहा, चिड़िया तितली इत्यादि भी कर लेते है उन के और हमारे जीवन में क्या अंतर है।
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, समाज के बिना एक दिन भी मनुष्य नहीं रह सकता हम जिस समाज में रहते है वह दूषित हो रहा है वो चाहे वायु,, जल, ध्वनि या विचारो का प्रदूषण ही क्यों न हो उस के लिए हम सभी को अपने अपने स्तर पर कार्य करने होंगें।
हमारी संस्था आप का एक समाज सेवी के रूप में स्वागत करती है आप के सुझाव और अनुभव के आधार पर आप हम से जुड़ कर राष्ट्र के विकास में भागीदार बनाने का गौरव प्राप्त कर सकते है।
सीमा सेठ
अध्यक्षा
मित्र भाव वेलफेयर सोसायटी (नोएडा)
mitrbhaw@gmail.com
वर्षा चौधरी
सचिव
लेकिन प्रश्न यह उठता है, हम उस के लिए क्या प्रयास कर रहे है। प्रत्येक कार्य के लिए सरकार का ही उत्तर दायित्व क्यो ?
पूरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र प्रदूषण के भीषण गुबार की चपेट में है। हम सांस के साथ ज़हर खा रहे है, वृक्ष काटे जा रहे है, महिलाएं असुरक्षित है बुजुर्ग असहाय है। बालको में संस्कारों का अभाव हो रहा है अश्लीलता सुरसा की तरह फैलती जा रही है भ्र्ष्टाचार किसी से नहीं छुपा।
यह सब ठीक कैसे होगा,
यह मामूली विषय नहीं है ,इतिहास गवाह है जब देश आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा था यदि नेता जी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्र शेखर आज़ाद अकेले ही इस विषय पर काम करते तो शायद उनका ये सपना सच न होता उनकी एक आवाज़ पर देश वासी अपनी जान तक न्यौझावर कर देने का जज्बा ले कर मैदान में कूद गए महिलाओ ने अपने ज़ेवर बेच कर पिस्तोल खरीदी और किसानों ने अपनी दरातिया गला कर तलवारे बना डाली और ब्रिटिश हकूमत को जड़ से उखाड़ फेका।
ठीक वैसे ही कार्य करना होगा, हर देश वासी के दिल में समाज के प्रति निष्ठां, समर्पण और त्याग के साथ साथ सेवा भाव होना चाहिए। आज हमारे केवल तीन काम है परिवार का निर्माण रक्षा, पालन। गौर से देखा जाये तो ठीक यही काम तो चूहा, चिड़िया तितली इत्यादि भी कर लेते है उन के और हमारे जीवन में क्या अंतर है।
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, समाज के बिना एक दिन भी मनुष्य नहीं रह सकता हम जिस समाज में रहते है वह दूषित हो रहा है वो चाहे वायु,, जल, ध्वनि या विचारो का प्रदूषण ही क्यों न हो उस के लिए हम सभी को अपने अपने स्तर पर कार्य करने होंगें।
हमारी संस्था आप का एक समाज सेवी के रूप में स्वागत करती है आप के सुझाव और अनुभव के आधार पर आप हम से जुड़ कर राष्ट्र के विकास में भागीदार बनाने का गौरव प्राप्त कर सकते है।
सीमा सेठ
अध्यक्षा
मित्र भाव वेलफेयर सोसायटी (नोएडा)
mitrbhaw@gmail.com
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